Best Student Loan: उच्च शिक्षा (Higher Education) आज के प्रतिस्पर्धी युग में केवल एक शैक्षणिक डिग्री नहीं, बल्कि एक छात्र के सुनहरे भविष्य की सबसे बड़ी निवेश योजना (Investment Plan) है। चाहे भारत के शीर्ष तकनीकी और प्रबंधन संस्थान (जैसे IIT, IIM, AIIMS, या XLRI) हों, या वैश्विक स्तर पर Study Abroad के तहत अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा या ऑस्ट्रेलिया के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय, आज के समय में पढ़ाई की लागत आसमान छू रही है। ट्यूशन फीस के साथ-साथ रहने का खर्च, स्वास्थ्य बीमा, यात्रा व्यय और अन्य विविध खर्चों को मिलाकर कुल लागत एक मध्यमवर्गीय परिवार की संचित पूंजी (Savings) से बाहर हो जाती है।
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यही वह मोड़ है जहाँ Student Loan Providers एक सेतु (Bridge) की भूमिका निभाते हैं। लेकिन जब एक छात्र या अभिभावक के रूप में आप बाजार में उपलब्ध विकल्पों को खंगालना शुरू करते हैं, तो भ्रमित होना स्वाभाविक है। हर वित्तीय संस्थान के अपने नियम, अपनी ब्याज दरें और अपने छिपे हुए क्लॉज होते हैं। किस बैंक की ब्याज दर वास्तव में सबसे कम है? क्या बिना कुछ गिरवी रखे ₹50 लाख या ₹1 करोड़ का लोन संभव है? मोरेटोरियम पीरियड में साधारण ब्याज लगेगा या चक्रवृद्धि?
इस अत्यंत विस्तृत गाइड में, हम इन सभी तकनीकी पहलुओं को बहुत ही सरल, मानवीय और व्यावहारिक दृष्टिकोण से समझेंगे ताकि आप अपने करियर के लिए सबसे सही और आर्थिक रूप से सुरक्षित निर्णय ले सकें।
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Best Student Loan Lenders (स्टूडेंट लोन देने वाले संस्थान)?
लोन की प्रक्रिया को गहराई से जानने से पहले, भारत के वित्तीय परिदृश्य में मौजूद लोन प्रदाताओं के वर्गीकरण को समझना आवश्यक है। ऋण देने वाले इन संस्थानों की कार्यप्रणाली, जोखिम लेने की क्षमता और नियम एक-दूसरे से काफी भिन्न होते हैं। इन्हें मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है:
A. Public Sector Banks (सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक)
इस श्रेणी में भारत के सरकारी बैंक आते हैं, जैसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB), पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और कैनरा बैंक।
- सकारात्मक पहलू: इन बैंकों की सबसे बड़ी ताकत इनकी न्यूनतम ब्याज दर (Lowest Interest Rate) होती है। ये बैंक व्यावसायिक लाभ से अधिक छात्र के कल्याण और देश के विकास को प्राथमिकता देते हैं। इसके अतिरिक्त, प्रोसेसिंग फीस न के बराबर या शून्य होती है।
- चुनौतियाँ: इन बैंकों की निर्णय लेने की प्रक्रिया और कागजी कार्रवाई काफी लंबी और जटिल होती है। यदि आप अंतिम समय पर लोन के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो यहाँ लगने वाला समय आपकी चिंता बढ़ा सकता है।
B. Private Sector Banks (निजी क्षेत्र के बैंक)
इस श्रेणी में आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank), एक्सिस बैंक (Axis Bank), एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC FIRST Bank) शामिल हैं।
- सकारात्मक पहलू: इनका सबसे बड़ा आकर्षण इनका डिजिटल और निर्बाध इंटरफेस है। ये बहुत तेज गति से ऋण स्वीकृति (Fast Track Sanction) प्रदान करते हैं। यदि छात्र का दाखिला किसी मान्यता प्राप्त ए-ग्रेड संस्थान में हुआ है, तो ये बिना किसी संपत्ति की गारंटी के भी बड़ा लोन देने को तैयार हो जाते हैं।
- चुनौतियाँ: इनका ब्याज दर सरकारी बैंकों की तुलना में 1% से 3% तक अधिक हो सकता है। इसके अलावा, इनका प्रोसेसिंग शुल्क और लेट पेमेंट पेनल्टी कड़े होते हैं।
C. Non-Banking Financial Companies (NBFCs)
ये बैंक नहीं हैं, लेकिन आरबीआई (RBI) द्वारा मान्यता प्राप्त विशेष वित्तीय कंपनियां हैं जो मुख्य रूप से शिक्षा ऋण में ही विशेषज्ञता रखती हैं। उदाहरण के लिए—एचडीएफसी क्रेडिला (HDFC Credila), अवांसे (Avanse), ऑक्सिलो (Auxilo) और इनक्रेड (InCred)।
- सकारात्मक पहलू: विदेश में पढ़ाई के मामले में ये संस्थान सबसे अधिक लचीले (Flexible) होते हैं। ये छात्र की भविष्य की कमाई की क्षमता (Future Employability) का आकलन करके बिना किसी प्रॉपर्टी को गिरवी रखे ₹80 लाख से ₹1.2 करोड़ तक का अनसिक्योर्ड लोन दे देते हैं। ये 100% खर्च (Cost of Attendance) को कवर करते हैं।
- चुनौतियाँ: इनकी ब्याज दरें बाजार में सबसे अधिक (10.5% से 15% तक) होती हैं। यदि आपके पास कोई अन्य विकल्प न बचे, तभी यहाँ रुख करना आर्थिक रूप से समझदारी माना जाता है।
Top Student Loan Providers in India (भारत में स्टूडेंट लोन देने वाले
बाजार के प्रमुख लेंडर्स की तुलनात्मक स्थिति को स्पष्ट रूप से समझने के लिए नीचे दी गई तालिका का बारीकी से अध्ययन करें:
| State Bank of India (SBI) | सरकारी बैंक | 8.15% – 10.15% | ₹1.5 करोड़ तक | ₹7.5 लाख तक (प्रीमियर लिस्ट के लिए ₹50 लाख तक) | न्यूनतम ब्याज दर, शून्य प्रोसेसिंग शुल्क, अत्यधिक सुरक्षित। |
| Bank of Baroda (BoB) | सरकारी बैंक | 8.40% – 10.50% | ₹1.5 करोड़ तक | ₹7.5 लाख तक (शीर्ष भारतीय कॉलेजों के लिए ₹40 लाख) | वैश्विक विश्वविद्यालयों के लिए व्यापक स्वीकार्यता और रियायती दरें। |
| IDFC FIRST Bank | निजी बैंक | 9.50% – 13.50% | ₹1.5 करोड़ तक | ₹50 लाख तक | बिना किसी अचल संपत्ति के त्वरित डिजिटल अप्रूवल। |
| ICICI Bank | निजी बैंक | 9.25% – 13.50% | ₹3 करोड़ तक | ₹50 लाख तक (चयनित तकनीकी/प्रबंधन संस्थान) | पूरी तरह से पेपरलेस प्री-अप्रूव्ड लोन की सुविधा। |
| HDFC Credila | NBFC | 9.75% – 13.00% | कोई ऊपरी सीमा नहीं | ₹80 लाख से ₹1 करोड़ तक | विदेश यात्रा, वीज़ा से पहले फंड्स का प्रदर्शन और लचीली शर्तें। |
| Avanse Financial | NBFC | 10.25% – 15.00% | आवश्यकतानुसार (कस्टम) | ₹75 लाख तक | लीक से हटकर (Niche) कोर्सेज और 100% खर्चों की फंडिंग। |
Deep Analysis of Major Student Loan Providers
अब, आइए भारत के इन प्रमुख ऋण प्रदाताओं की व्यक्तिगत नीतियों, विशिष्ट योजनाओं और उनकी उन बारीकियों का विश्लेषण करते हैं जो अक्सर आम विज्ञापनों में दिखाई नहीं देतीं।
01. State Bank of India (SBI) स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
भारतीय स्टेट बैंक शिक्षा ऋण के क्षेत्र में स्वर्ण मानक (Gold Standard) माना जाता है। इसकी दो मुख्य योजनाएं छात्रों के बीच सबसे लोकप्रिय हैं:
- SBI Scholar Loan Scheme: यह योजना विशेष रूप से भारत के भीतर पढ़ने वाले छात्रों के लिए है। यदि आपका चयन आईआईएम (IIM), आईआईटी (IIT), एनआईटी (NIT), बिट्स पिलानी (BITS Pilani) या चुनिंदा मेडिकल कॉलेजों में हुआ है, तो बैंक आपको बिना किसी सुरक्षा (Collateral) के ₹40 लाख से ₹50 लाख तक का ऋण प्रदान करता है। सबसे खास बात यह है कि इसका ब्याज दर बैंक के MCLR/RLLR से सीधे जुड़ा होता है, जिससे यह बेहद किफायती रहता है।
- SBI Global Ed-Vantage: जो छात्र विदेश (जैसे अमेरिका, यूके, कनाडा, यूरोप) के शीर्ष विश्वविद्यालयों में प्रवेश ले रहे हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन सिक्योर्ड लोन योजना है। इसके तहत ₹20 लाख से ₹1.5 करोड़ तक की राशि आकर्षक ब्याज दरों पर मिलती है, बशर्ते आप बैंक को पर्याप्त मूल्य की अचल संपत्ति (मकान, दुकान या कमर्शियल प्लॉट) या वित्तीय प्रतिभूतियां (FD/NSC) गारंटी के रूप में प्रदान करें।
- अतिरिक्त मानवीय लाभ: यदि सह-आवेदक (Co-borrower) या मुख्य छात्र एक महिला है, तो एसबीआई मूल ब्याज दर में 0.50% की अतिरिक्त रियायत देता है, जो लंबी अवधि के लोन में लाखों रुपये की बचत करा सकती है।
02. Bank of Baroda (BoB) बैंक ऑफ बड़ोदा
बैंक ऑफ बड़ौदा ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी आक्रामक और छात्र-अनुकूल नीतियों के कारण शिक्षा ऋण बाजार में एक मजबूत पकड़ बनाई है।
- Baroda Scholar Scheme: यह योजना भारत और विदेश दोनों के लिए उपलब्ध है। यदि छात्र अमेरिका या यूरोप के फॉर्च्यून 500 विश्वविद्यालयों में जा रहा है, तो बैंक ऑफ बड़ौदा बहुत प्रतिस्पर्धी दरों पर ऋण स्वीकृत करता है।
- लचीलापन (Flexibility): सरकारी बैंक होने के बावजूद, इनका रिस्पॉन्स टाइम अन्य सार्वजनिक बैंकों की तुलना में बेहतर देखा गया है। ये प्रमुख संस्थानों के लिए मार्जिन मनी (Margin Money) की आवश्यकता को भी शून्य कर देते हैं।
03. HDFC Credila एच.डी.एफ.सी. बैंक
एचडीएफसी क्रेडिला एक ऐसा नाम है जो विदेश जाने वाले छात्रों की जुबान पर सबसे पहले आता है। चूंकि यह केवल एजुकेशन लोन पर केंद्रित है, इसलिए इसकी प्रक्रिया बहुत कस्टमाइज्ड होती है।
- The Unsecured Loan Giant: क्रेडिला की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह उन माता-पिता के लिए वरदान है जो अपनी पुश्तैनी संपत्ति को गिरवी नहीं रखना चाहते या जिनके पास संपत्ति नहीं है। यह केवल छात्र के जीमैट (GMAT), जीआरई (GRE), या कैट (CAT) के स्कोर और भविष्य में मिलने वाली सैलरी के अनुमान के आधार पर ₹80 लाख तक का Unsecured Education Loan दे सकता है।
- Speed & Convenience: इनका प्रतिनिधि आपके घर आकर दस्तावेज एकत्र करता है और वीज़ा इंटरव्यू से पहले आवश्यक ‘फंड्स का प्रमाण’ (Proof of Funds) देने में बहुत मदद करता है।
04. IDFC FIRST Bank (आई.डी.एफ.सी. फर्स्ट बैंक)
निजी बैंकिंग क्षेत्र में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक छात्रों की आधुनिक जरूरतों को बहुत अच्छे से समझता है।
- Targeted Funding: यह बैंक विशेष रूप से इंजीनियरिंग, डेटा साइंस, और बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) जैसे कोर्सेज के लिए बहुत अनुकूल है।
- No Collateral Edge: अर्ध-प्रतिष्ठित (Semi-premier) संस्थानों के लिए भी इनकी बिना गारंटी लोन की सीमा ₹40 लाख तक जाती है, जो कई अन्य बैंक देने से कतराते हैं।
Secured Loans vs Unsecured Loans (सुरक्षित लोन और असुरक्षित लोन)
ऋण प्रदाता का चयन करते समय सबसे बड़ा द्वंद्व सिक्योर्ड (सुरक्षित) और अनसिक्योर्ड (असुरक्षित) लोन के बीच होता है। एक व्यावहारिक इंसान की तरह आपको दोनों के आर्थिक गणित को समझना होगा:
Secured Loans (सुरक्षित ऋण)
- प्रक्रिया: आपको अपने ऋण के मूल्य के बराबर या उससे अधिक की संपत्ति (मकान, फ्लैट, सावधि जमा) बैंक के पास बंधक रखनी होती है।
- आर्थिक लाभ: चूंकि बैंक का जोखिम शून्य हो जाता है, इसलिए वे आपको सबसे कम ब्याज दर (आमतौर पर 8.15% – 9.50%) की पेशकश करते हैं। चुकाने की अवधि भी 15 वर्ष तक लंबी हो सकती है।
- किसे चुनना चाहिए: यदि आपके पास ऐसी संपत्ति उपलब्ध है जिसका उपयोग वर्तमान में किसी अन्य काम के लिए नहीं हो रहा है, तो आपको हमेशा सिक्योर्ड लोन ही चुनना चाहिए, क्योंकि यह आपके ऊपर हर महीने पड़ने वाले ब्याज के बोझ को काफी कम कर देता है।
Unsecured Loans (असुरक्षित ऋण)
- प्रक्रिया: कोई संपत्ति गिरवी नहीं रखनी होती। ऋण पूरी तरह से छात्र की शैक्षणिक योग्यता (Merit) और माता-पिता के वित्तीय इतिहास (CIBIL Score और नियमित आय) पर निर्भर करता है।
- आर्थिक प्रभाव: बैंक का जोखिम अधिक होने के कारण, ब्याज दरें 10% से शुरू होकर 14% या उससे अधिक तक जा सकती हैं।
- किसे चुनना चाहिए: यदि आपके पास गिरवी रखने के लिए संपत्ति नहीं है, या आप कानूनी विवादों या कागजी पेचीदगियों (जैसे संपत्ति के पुराने नक्शे या टाइटल डीड की समस्या) से बचना चाहते हैं, तो अनसिक्योर्ड लोन ही एकमात्र व्यावहारिक रास्ता बचता है।
Critical Factors to Evaluate Before Signing(लोन लेने से पहले ध्यान देने योग्य बातें)
ज्यादातर छात्र और माता-पिता केवल ‘ब्याज दर’ देखकर लोन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कर देते हैं, जो बाद में भारी वित्तीय संकट का कारण बनता है। एक विशेषज्ञ मित्र के रूप में, मैं आपको सलाह दूंगा कि आप इन चार स्तंभों की गहराई से जांच करें:
01. Moratorium Period (रियायत अवधि या हॉलिडे पीरियड)
यह वह समय होता है जब छात्र अपनी पढ़ाई कर रहा होता है और उसे तुरंत ईएमआई (EMI) चुकाना शुरू नहीं करना होता। आमतौर पर यह अवधि: कोर्स की कुल अवधि + 6 महीने या 1 वर्ष होती है।
- चेतावनी बिंदु: कुछ बैंक इस अवधि के दौरान केवल साधारण ब्याज (Simple Interest) जोड़ते हैं, जबकि कुछ संस्थान इसे हर तिमाही में मूलधन में जोड़कर चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) लगाने लगते हैं। हमेशा सुनिश्चित करें कि मोरेटोरियम के दौरान केवल साधारण ब्याज का ही क्लॉज हो।
02. Hidden Fees and Levies ( शुल्क)
लोन केवल ब्याज दर का खेल नहीं है। आवेदन करते समय निम्नलिखित शुल्कों की लिखित जानकारी मांगें:
- Pre-payment Charges: यदि छात्र नौकरी लगने के बाद समय से पहले (जैसे 15 साल की बजाय 5 साल में) लोन बंद करना चाहता है, तो क्या बैंक कोई पेनल्टी चार्ज कर रहा है? (आरबीआई के नियमों के अनुसार फ्लोटिंग ब्याज दरों पर यह पेनल्टी शून्य होनी चाहिए)।
- Processing Fee (प्रसंस्करण शुल्क): सरकारी बैंकों में यह या तो शून्य होती है या अधिकतम ₹10,000 तक सीमित होती है। निजी बैंकों और NBFCs में यह लोन राशि का 1% से 2% तक हो सकती है (उदाहरण के लिए, ₹50 लाख के लोन पर ₹1 लाख केवल प्रोसेसिंग फीस के रूप में कट सकते हैं)।
- Property Valuation and Legal Fees: सिक्योर्ड लोन के मामले में, बैंक के वकील और इंजीनियर आपकी संपत्ति की जांच करने के लिए शुल्क लेते हैं।
03. Tax Deductions under Section 80E
भारतीय आयकर अधिनियम की धारा 80E छात्रों और उनके माता-पिता को एक बहुत बड़ा वित्तीय लाभ देती है।
- सीमा: यह छूट अधिकतम 8 वर्षों तक या जब तक पूरा ब्याज चुकता न हो जाए (जो भी पहले हो), तब तक ली जा सकती है। ध्यान रहे, यह लाभ केवल अधिकृत और अनुसूचित बैंकों (Scheduled Banks) से लिए गए लोन पर ही मिलता है, इसलिए ऋण प्रदाता की वैधता पहले जांच लें।
- नियम: एजुकेशन लोन के पुनर्भुगतान (Repayment) के दौरान, आप हर साल जो भी ब्याज चुकाते हैं, उस पूरी राशि पर आपको टैक्स में 100% छूट मिलती है।
04. Margin Money and Co-applicant Criteria
- Co-applicant: लगभग सभी एजुकेशन लोन में माता-पिता या अभिभावक को सह-आवेदक बनना पड़ता है। यदि उनकी क्रेडिट हिस्ट्री खराब है, तो लोन रिजेक्ट हो सकता है या ब्याज दर बढ़ सकती है।
- Margin Money: यदि आपके कोर्स की कुल लागत ₹20 लाख है और बैंक का मार्जिन 15% है, तो बैंक केवल ₹17 लाख देगा और ₹3 लाख आपको अपनी जेब से देने होंगे। हमेशा 0% या न्यूनतम मार्जिन मनी वाले लेंडर को प्राथमिकता दें।
Strategic Conclusion of Student Loan
संक्षेप में कहें तो, Best Student Loan Providers का कोई एक सार्वभौमिक (One-size-fits-all) उत्तर नहीं है। यह पूरी तरह से आपकी व्यक्तिगत स्थिति, चुने गए देश और संस्थान की रैंकिंग पर निर्भर करता है।
- प्रथम प्राथमिकता (First Priority): यदि आपका दाखिला भारत के शीर्ष 100 संस्थानों में हुआ है, तो बिना सोचे-समझे सबसे पहले State Bank of India (SBI) के ‘Scholar Loan’ या Bank of Baroda के पास जाएं। यहाँ आपको सबसे सुरक्षित और कम खर्चीला सौदा मिलेगा।
- द्वितीय प्राथमिकता (Second Priority): यदि आप विदेश जा रहे हैं, आपके पास गिरवी रखने के लिए संपत्ति है और आप एक हफ्ता इंतजार कर सकते हैं, तो सरकारी बैंकों का ‘Secured Loan’ आपका लाखों रुपया बचाएगा।
- तृतीय प्राथमिकता (Third Priority): यदि समय कम है, वीज़ा के लिए तुरंत फंड्स की आवश्यकता है, और कोई संपत्ति उपलब्ध नहीं है, तब निजी बैंकों (जैसे IDFC FIRST या ICICI) और प्रतिष्ठित NBFCs (जैसे HDFC Credila) के अनसिक्योर्ड लोन विकल्पों की ओर रुख करें।
अंतिम व्यावहारिक सलाह: कभी भी केवल एक बैंक के भरोसे न बैठें। हमेशा कम से कम 2 या 3 अलग-अलग श्रेणियों के संस्थानों में एक साथ आवेदन करें। जब उनके आधिकारिक लोन स्वीकृति पत्र (Sanction Letters) आपके हाथ में आ जाएं, तब उनके अंतिम नियमों और वास्तविक शुल्कों की आमने-सामने तुलना करें और फिर सबसे किफायती विकल्प पर हस्ताक्षर करें। आपका यह एक सचेत कदम आपके करियर की शुरुआत को कर्ज के अनावश्यक बोझ से मुक्त रखेगा।
—-:::FAQs For Best Student Loan in India:::—-
Q1. Which bank is best for a student loan in India?
उत्तर: भारत में सर्वश्रेष्ठ बैंक का चयन आपकी ज़रूरत पर निर्भर करता है। यदि आप सबसे कम ब्याज दर और शून्य प्रोसेसिंग फीस चाहते हैं, तो State Bank of India (SBI) और Bank of Baroda सर्वश्रेष्ठ हैं। लेकिन यदि आपको बिना कुछ गिरवी रखे (Unsecured) तुरंत डिजिटल लोन चाहिए, तो IDFC FIRST Bank और HDFC Credila को प्राथमिकता दी जा सकती है।
Q2. Can I get a student loan without collateral?
उत्तर: हाँ, बिल्कुल। यदि आपका दाखिला देश या विदेश के किसी प्रतिष्ठित संस्थान (जैसे IIT, IIM या टॉप ग्लोबल यूनिवर्सिटीज) में हुआ है, तो कई बैंक और NBFCs ₹40 लाख से लेकर ₹80 लाख तक का अनसिक्योर्ड लोन (बिना कुछ गिरवी रखे) प्रदान करते हैं। इसके लिए छात्र का शैक्षणिक रिकॉर्ड और सह-आवेदक (माता-पिता) की आय मुख्य आधार होती है।
Q3. What is the Moratorium Period in an education loan?
उत्तर: मोरेटोरियम अवधि (Moratorium Period) को ‘लोन हॉलिडे’ भी कहा जाता है। यह वह समय होता है जब छात्र को पढ़ाई के दौरान कोई ईएमआई (EMI) नहीं चुकानी होती। आमतौर पर यह अवधि कोर्स के पूरे समय + नौकरी लगने के 6 महीने या 1 साल बाद तक मान्य होती है। इसके बाद ही आपकी नियमित ईएमआई शुरू होती है।
Q4. How much tax benefit can I get under Section 80E?
उत्तर: आयकर अधिनियम की धारा 80E के तहत, एजुकेशन लोन के पुनर्भुगतान के दौरान आप हर साल जो भी ब्याज (Interest) चुकाते हैं, उस पूरी राशि पर टैक्स में 100% छूट मिलती है। मूलधन (Principal Amount) पर कोई छूट नहीं मिलती। यह लाभ लोन शुरू होने से लेकर अधिकतम 8 वर्षों तक लिया जा सकता है।
Q5. What is Margin Money in student loans?
उत्तर: मार्जिन मनी वह राशि होती है जो छात्र को अपनी जेब से भरनी होती है। उदाहरण के लिए, यदि बैंक का मार्जिन 10% है और आपकी कुल फीस ₹10 लाख है, तो बैंक केवल ₹9 लाख का लोन देगा और ₹1 लाख आपको खुद देने होंगे। कई प्रमुख बैंक और NBFCs अब 0% Margin Money का विकल्प भी देते हैं, जहाँ 100% खर्च बैंक उठाता है।
Q6. Who can be a co-applicant for an education loan?
उत्तर: शिक्षा ऋण के लिए छात्र के माता-पिता, कानूनी अभिभावक (Guardian), या सगे भाई-बहन सह-आवेदक (Co-applicant/Co-borrower) बन सकते हैं। बैंक लोन स्वीकृत करने से पहले सह-आवेदक की नियमित आय (Salary/Business) और उनके CIBIL Score की बारीकी से जांच करता है।