Best 5 Midcap Mutual Funds in 2026 : पिछले 3 सालों में मिला 25%-30% रिटर्न

Midcap Mutual Funds: Share Market में निवेश करने की बात आये और ‘Midcap Funds’ का जिक्र न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। शेयर बाजार में निवेश की बात हो और ‘Midcap Funds‘ का जिक्र न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। बता दे कि Midcap Funds ने पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों को शानदार वेल्थ क्रिएट करके दी है। विशेष रूप से, पिछले 3 सालों में कई फंड्स ने 25% से भी अधिक का सालाना रिटर्न (CAGR) दिया है।

इस पोस्‍ट Midcap Mutual Funds in 2026 में हम विस्तार से जानेंगे कि Midcap Mutual Funds क्या होते हैं, Top Performing Funds कौन-कौन से हैं और आपको इनमें निवेश करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। आइये विस्‍तार से चर्चा करते हैं और जानते हैं कि कौन-कौन से हैं ।

What is Midcap Mutual Funds? (मिडकैप म्यूचुअल फंड्स क्या हैं?)

भारतीय पूंजी बाजार के नियामक SEBI (Securities and Exchange Board of India) ने म्यूचुअल फंड्स के वर्गीकरण (Classification) के लिए बहुत ही स्पष्ट नियम बनाए हैं, ताकि निवेशकों को पता रहे कि उनका पैसा कहां निवेश हो रहा है।

SEBI के नियमानुसार, मिडकैप फंड्स (Midcap Funds) वे इक्विटी म्यूचुअल फंड्स होते हैं जिनके लिए अपने कुल पोर्टफोलियो का कम से कम 65% हिस्सा मिडकैप कंपनियों के शेयरों में निवेश करना अनिवार्य है। अब सवाल यह उठता है कि ‘मिडकैप कंपनियां’ कौन सी हैं?

SEBI ने इसके लिए कंपनियों को उनकी मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Cap) यानी बाजार मूल्य के आधार पर रैंक किया है:

  • लार्ज-कैप (Large-cap): मार्केट कैप के हिसाब से पहली 100 कंपनियां (Rank 1 to 100)।
  • मिड-कैप (Mid-cap): वे कंपनियां जो रैंकिंग में 101वें स्थान से लेकर 250वें स्थान तक आती हैं।
  • स्मॉल-कैप (Small-cap): 251वें स्थान के बाद वाली सभी कंपनियां।

इसका मतलब क्या है? इसका सीधा मतलब यह है कि जब आप किसी Midcap Funds में ₹100 निवेश करते हैं, तो फंड मैनेजर के लिए यह कानूनी रूप से जरूरी है कि वह कम से कम ₹65 उन कंपनियों में लगाए जो भारत की टॉप 100 कंपनियों से तो छोटी हों लेकिन बाकी के बचे हजारों छोटी कंपनियों से काफी बड़ी और स्‍थायी रूप से स्थापित (Established) हैं।

ये कंपनियां अक्सर अपने सेक्टर में तेजी से उभर रही होती हैं। इनमें Laarg-Cap कंपनियों की तुलना में ज्यादा ग्रोथ की संभावना होती है और Small-Cap की तुलना में कम जोखिम होता है। यही कारण है कि Midcap Funds को ‘Growth’ और ‘Stability’ का एक बेहतरीन मिLaश्रण माना जाता है।

Top 5 Midcap Funds (पिछले 3 साल का प्रदर्शन)

नीचे दिए गए Midcap Funds ने अपने बेंचमार्क को पीछे छोड़ते हुए निवेशकों को जबरदस्त मुनाफा दिया है: जो इस प्रकार से है-

फंड का नाम3 साल का रिटर्न (अनुमानित)रिस्क लेवल
Quant Mid Cap Fund30.5%बहुत अधिक
Motilal Oswal Midcap Fund29.8%अधिक
Nippon India Growth Fund27.2%अधिक
HDFC Mid-Cap Opportunities26.5%मध्यम से अधिक
Kotak Emerging Equity Fund25.1%अधिक
ध्यान दें: म्यूचुअल फंड में रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती। ऊपर दिए गए आंकड़े पिछले प्रदर्शन पर आधारित हैं।

Why did midcap funds give higher returns?(मिडकैप फंड्स में इतना अधिक रिटर्न क्यों मिला?)

  1. तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था: भारत की विकास दर (GDP Growth) का सबसे अधिक फायदा मिडकैप कंपनियों को मिलता है क्योंकि वे नई तकनीक और विस्तार पर तेजी से काम करती हैं।
  2. सेक्टर रोटेशन: पिछले 3 सालों में डिफेंस, मैन्युफैक्चरिंग और बैंकिंग सेक्टर की मिडकैप कंपनियों ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है।
  3. फंड मैनेजर की कुशलता: टॉप फंड्स के मैनेजर्स ने ‘क्वालिटी स्टॉक्स’ को सही समय पर और सही कीमत पर चुनकर अच्छा पोर्टफोलियो बनाया।

Keep these things in mind before investing (निवेश से पहले इन बातों का रखें ख्याल)

1. समय सीमा (Investment Horizon)

Midcap Funds में बहुत अधिक उतार-चढ़ाव होता है। यदि आप आज निवेश कर रहे हैं, तो आपका नजरिया कम से कम 5 से 7 साल का होना चाहिए। कम समय के लिए निवेश करना कई जोखिमों से भरा हो सकता है।

2. जोखिम की क्षमता (Risk Appetite)

जब भी बाजार गिरने लगता है तो मिडकैप फंड्स, लार्ज-कैप फंड्स की तुलना में अधिक तेजी से गिरते हैं। इसलिए, केवल वही निवेशक इनमें पैसा लगाएं जो बाजार की गिरावट में घबराते नहीं हैं।

3. SIP का रास्ता अपनाएं

Midcap Funds के लिए SIP (Systematic Investment Plan) सबसे अच्छा तरीका है। यह आपको बाजार के हर स्तर पर खरीदारी करने का मौका देता है (Rupee Cost Averaging), जिससे लंबे समय में आपका औसत निवेश भाव कम हो जाता है।

4. टैक्स की जानकारी

Midcap Funds एक प्रकार का ‘‘ Equity Funds” की श्रेणी में आते हैं। यदि आप 1 साल के बाद पैसा निकालते हैं, तो ₹1.25 लाख से अधिक के मुनाफे पर आपको 12.5% LTCG (Long Term Capital Gain) टैक्स देना होगा।

निष्कर्ष (Conclusion)

मिडकैप फंड्स उन निवेशकों के लिए बेहतरीन हैं जो लार्ज-कैप से ज्यादा और स्मॉल-कैप से कम रिस्क लेकर अपनी संपत्ति बढ़ाना चाहते हैं। यदि आप अनुशासन के साथ अगले कुछ सालों तक SIP जारी रखते हैं, तो ये फंड्स आपके बड़े लक्ष्यों (जैसे घर खरीदना या रिटायरमेंट) को पूरा करने में मदद कर सकते हैं।

1. What is Midcap Mutual Funds?

मिडकैप म्यूचुअल फंड (Midcap Mutual Funds) वे फंड होते हैं जो शेयर बाजार की मध्यम आकार की कंपनियों (Mid-sized companies) में निवेश करते हैं।
यहाँ इसके मुख्य बिंदु हैं:
1. कंपनियों का चयन: ये फंड उन कंपनियों के शेयर खरीदते हैं जो मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Cap) के हिसाब से 101वें से 250वें स्थान के बीच आती हैं।
2. जोखिम और रिटर्न: ये लार्ज-कैप (बड़ी कंपनियां) से ज्यादा रिटर्न देने की क्षमता रखते हैं, लेकिन स्मॉल-कैप (छोटी कंपनियां) के मुकाबले कम रिस्की होते हैं।
3. किसके लिए सही है: यह उन निवेशकों के लिए अच्छा है जो थोड़ा रिस्क ले सकते हैं और जिनका लक्ष्य अगले 5 से 7 साल में अच्छी संपत्ति (Wealth) बनाना है।
4. नियम: SEBI के अनुसार, इन फंड्स को अपने कुल पैसे का कम से कम 65% हिस्सा मिडकैप कंपनियों में ही लगाना अनिवार्य है।

2. Is it safe to invest in Midcap funds? (क्या मिडकैप फंड्स में निवेश करना सुरक्षित है?)

मिडकैप फंड्स पूरी तरह सुरक्षित नहीं होते, इनमें बाजार का जोखिम (Market Risk) होता है। हालांकि, ये स्मॉल-कैप फंड्स की तुलना में कम जोखिम भरे होते हैं, लेकिन लार्ज-कैप की तुलना में इनमें उतार-चढ़ाव ज्यादा होता है। इन्हें कम से कम 5-7 साल के लिए निवेश करना ही सही रहता है।

3. क्‍या 25%-30% का रिटर्न भविष्य में भी मिलता रहेगा?

जरूरी नहीं है। पिछले 3 सालों में भारतीय शेयर बाजार ने बहुत अच्छी तेजी दिखाई है, इसलिए रिटर्न ज्यादा दिख रहे हैं। भविष्य में रिटर्न बाजार की स्थिति और इकोनॉमी की ग्रोथ पर निर्भर करेंगे। लंबी अवधि में मिडकैप से 15-18% की उम्मीद करना ज्यादा व्यावहारिक है।

4. How much tax is levied on midcap funds ? (मिडकैप फंड्स पर कितना टैक्स लगता है?)

ये इक्विटी फंड्स हैं। अगर आप 1 साल से पहले पैसा निकालते हैं, तो 20% STCG (Short Term Capital Gain) टैक्स लगता है। अगर 1 साल के बाद निकालते हैं, तो ₹1.25 लाख से ऊपर के मुनाफे पर 12.5% LTCG (Long Term Capital Gain) टैक्स देना होता है।

5. Should new investors start with midcap funds? (क्या नए निवेशकों को मिडकैप फंड से शुरुआत करनी चाहिए?)

यदि आप पहली बार निवेश कर रहे हैं, तो बेहतर होगा कि आप Index Fund या Large-cap Fund से शुरुआत करें। जब आपको बाजार की समझ हो जाए, तब अपने पोर्टफोलियो का एक हिस्सा मिडकैप में डालें।

6. What is the difference between a direct plan and a regular plan? (डायरेक्ट प्लान और रेगुलर प्लान में क्या अंतर है)

डायरेक्ट प्लान (Direct Plan) में आपको कोई कमीशन नहीं देना पड़ता, इसलिए इसका एक्सपेंस रेशियो (Expense Ratio) कम होता है और लंबी अवधि में आपको रेगुलर प्लान के मुकाबले 1-1.5% ज्यादा रिटर्न मिलता है।

Disclaimer: Mutual fund investments are subject to market risks. Please consult your financial advisor before investing.

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